
मुंगेली – मुकद्दस माह-ए-रमज़ान के इख्तिताम के बाद ईद-उल-फितर का त्योहार जिलेभर में अकीदत, इत्तेहाद और खुशियों के साथ मनाया गया। इस मुबारक मौके पर ऑल मुस्लिम वेलफेयर फाउंडेशन ने समाज को एक बेमिसाल और मायनेखेज पैगाम देते हुए बच्चों में “कलम की ईदी” तकसीम की, जो लोगों के दिलों को छू गई।
फाउंडेशन के प्रदेश अध्यक्ष जनाब मोहम्मद सिराज के हिदायात पर, जिला अध्यक्ष जनाब मोहम्मद अलीम की कियादत में ईदगाह मैदान में नमाज़-ए-ईद की अदायगी के बाद नौनिहालों के दरमियान कलम बांटी गई। इस पहल का मकसद सिर्फ ईदी देना नहीं, बल्कि बच्चों के अंदर तालीम के प्रति शौक और जागरूकता पैदा करना था। जहां आमतौर पर ईद के मौके पर बच्चों को पैसे या तोहफे दिए जाते हैं, वहीं “कलम की ईदी” ने इस परंपरा को एक नई दिशा दी। यह कदम इस बात का प्रतीक बना कि असली दौलत इल्म है, जो इंसान को कामयाबी और समाज को तरक्की की राह दिखाती है। तकरीब के दौरान बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। कलम हासिल करते ही उनके चेहरों पर खुशी और एक नई उम्मीद की झलक साफ नजर आई। फाउंडेशन के जिम्मेदारान ने इस मौके पर बच्चों और उनके वालिदैन को तालीम की अहमियत से रूबरू कराया और उन्हें बेहतर मुस्तकबिल के लिए तैयार होने की नसीहत दी।
जिला अध्यक्ष मोहम्मद अलीम ने अपने खिताब में कहा कि, “अगर हमें अपने समाज को मजबूत और तरक्की याफ्ता बनाना है, तो हमें तालीम को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाना होगा।” उन्होंने वालिदैन से गुजारिश की कि वे अपने बच्चों की पढ़ाई में कोई कमी न आने दें और उन्हें आगे बढ़ने के लिए हमेशा हौसला अफजाई करें।
इस मौके पर फाउंडेशन के जिला सचिव नईम खान, अख्तर अली, आवेज खान, हैदर अली, सलमान मिर्ज़ा, मुकीम खान और अन्य अरकान और शहर के मुअज्जिज अफराद भी मौजूद रहे, जिन्होंने इस पहल को खूब सराहा और इसे समाज में तालीमी बेदारी लाने की एक अहम कोशिश बताया।
ईद के इस मुबारक मौके पर “कलम की ईदी” की यह पहल न सिर्फ एक अनोखी मिसाल बनकर उभरी, बल्कि यह पैगाम भी दे गई कि खुशियों का असली मायना वही है, जो इल्म के जरिए समाज को रोशन करे।

The News Related To The News Engaged In The Sangwari Chhattisgarh Web Portal Is Related To The News Correspondents The Editor Does Not Necessarily Agree With These Reports The Correspondent Himself Will Be Responsible For The News.
