
मुंगेली – जिले के ग्रामीण अंचलों में अवैध रूप से शराब बेचने वाले कोचियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। हालात ऐसे हैं कि शाम ढलते ही इनकी दुकानदारी शुरू हो जाती है, जो देर रात तक बेखौफ तरीके से संचालित होती रहती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ऊंची पहुंच और रसूख के चलते ये लोग प्रशासनिक कार्रवाई की परवाह किए बिना खुलेआम अपना कारोबार चला रहे हैं।
गौरतलब है कि पुलिस प्रशासन और आबकारी विभाग द्वारा लगातार अवैध शराब के खिलाफ छापेमार कार्रवाई की जाती रही है। इसके बावजूद जिला मुख्यालय से लगे कई ग्रामीण क्षेत्रों में शराब दुकानों के बंद होने के बाद से लेकर अगले दिन दुकान खुलने तक अवैध शराब की बिक्री जारी रहती है। इन कोचियों द्वारा शराब प्रेमियों से निर्धारित मूल्य से कहीं अधिक रकम वसूली जाती है।
सूत्रों के अनुसार, एक बोतल पर 50 से 100 रुपये तक अतिरिक्त राशि लेकर शराब बेची जा रही है। देर रात शराब की तलाश में पहुंचने वाले लोगों को उनकी पसंद के लगभग सभी ब्रांड आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं। जबकि दूसरी ओर सरकारी शराब दुकानों में अक्सर शराब की कमी और कई लोकप्रिय ब्रांड उपलब्ध नहीं होने की शिकायतें सामने आती रहती हैं।
स्थिति यह है कि शहर से महज चार से पांच किलोमीटर की दूरी तय करते ही मदिरा प्रेमियों को उनकी मनपसंद शराब आसानी से मिल जाती है। इससे यह सवाल भी उठने लगे हैं कि जब सरकारी दुकानों में कई बार शराब उपलब्ध नहीं रहती, तब ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध रूप से संचालित इन ठिकानों पर विभिन्न ब्रांड की शराब आखिर कहां से पहुंच रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि अवैध शराब बिक्री के कारण न केवल कानून व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि युवाओं में नशे की प्रवृत्ति भी बढ़ रही है। लोगों ने प्रशासन से ऐसे अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने और लगातार निगरानी बढ़ाने की मांग की है।
हालांकि, पुलिस और आबकारी विभाग द्वारा लगातार कार्यवाही की जा रही है लेकिन राजनैतिक सरक्षण और रसूख के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब बिक्री का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है।

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