मुंगेली – गवर्नमेंट एम्पलाइज वेलफेयर एसोसिएशन छत्तीसगढ़ के प्रदेशाध्यक्ष कृष्णकुमार नवरंग ने स्वर्गीय टीकाराम खांडे, व्याख्याता, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भालापुर विकास खंड मूँगेली की मृत्यु के बाद उनकी पत्नी को मिलने वाली पेंशन एवं अन्य स्वत्वों के भुगतान में कथित लापरवाही और अनियमितता को लेकर जिला कलेक्टर से तत्काल जांच एवं जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
संगठन द्वारा कलेक्टर मुंगेली को सौंपे गए आवेदन के अनुसार स्वर्गीय टीकाराम खांडे का निधन 28 नवंबर 2025 को हुआ था। उनकी पत्नी श्रीमती गीता खांडे द्वारा पेंशन, ग्रेच्युटी, जीपीएफ एवं अवकाश नगदीकरण सहित देय स्वत्वों के भुगतान के लिए लगातार आवेदन प्रस्तुत किए गए।
प्रकरण में माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर के रिट याचिका क्रमांक 4043/2026 में 11 मई 2026 को पारित निर्णय का भी उल्लेख किया गया है। आवेदन के अनुसार न्यायालय के आदेश के बाद भी भुगतान प्रक्रिया में अपेक्षित तेजी नहीं लाई गई। तत्पश्चात जिला शिक्षा अधिकारी मुंगेली द्वारा 15 अप्रैल 2026 को 90 प्रतिशत अंतरिम प्रोविजनल पेंशन के भुगतान का आदेश जारी किया गया था।
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि दिसंबर 2025 से मई 2026 तक की प्रोविजनल पेंशन की राशि मृतक की पत्नी के खाते में जमा की गई, लेकिन जून, जुलाई एवं अगस्त 2026 की पेंशन के भुगतान मृतक स्व टीका राम खांडे के खाते में जमा कर दी गई। शिकायत के अनुसार बाद में जानकारी लेने पर पेंशन की राशि मृतक के पुराने बैंक खाते में जमा किए जाने की बात सामने आई। इससे मृतक की पत्नी, जो परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी संभाल रही हैं, को अनावश्यक आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रदेशाध्यक्ष कृष्णकुमार नवरंग ने कहा कि “किसी कर्मचारी की मृत्यु के बाद उसके परिवार को मिलने वाले वैधानिक स्वत्वों और पेंशन के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। यदि दस्तावेज और आदेश उपलब्ध होने के बावजूद भुगतान में लापरवाही हुई है तो इसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।”
उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि—
स्वर्गीय टीकाराम खांडे के पेंशन एवं अन्य देयकों के भुगतान में हुई देरी की विस्तृत जांच कराई जाए।
जून से अगस्त 2026 तक की लंबित पेंशन राशि का तत्काल भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
मृतक के खाते में राशि जमा किए जाने के कारणों की जांच की जाए तथा यदि किसी स्तर पर लापरवाही या जानबूझकर की गई त्रुटि पाई जाती है तो जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए।
उच्च न्यायालय के आदेश ,जनदर्शन ,उच्च अधिकारियों के आदेश ,जिला प्रशासन ,कमिश्नर बिलासपुर ,तथा विभागीय आदेश के अनुरूप सभी लंबित देयकों का शीघ्र भुगतान करने ,जांच करने पर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा अनदेखी , मृत्यु प्राप्त के आश्रित परिवार को भारी पड़ रहा है ।
भविष्य में किसी भी दिवंगत कर्मचारी के आश्रित परिवार को पेंशन एवं स्वत्वों के लिए अनावश्यक कार्यालयीन प्रक्रिया में परेशान न होना पड़े, इसके लिए स्पष्ट जवाबदेही निर्धारित की जाए।
कृष्णकुमार नवरंग ने कहा कि गवर्नमेंट एम्पलाइज वेलफेयर एसोसिएशन कर्मचारी हितों के साथ-साथ दिवंगत कर्मचारियों के आश्रित परिवारों के वैधानिक अधिकारों के लिए भी आवाज उठाता रहेगा। उन्होंने जिला प्रशासन से प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र निराकरण की अपेक्षा की है।

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