मुंगेली – केन्द्रीय वित्त मंत्री द्वारा हाल ही में प्रस्तुत केंद्रीय बजट का असर अब जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है। जहां एक ओर सरकार ने कुछ आवश्यक वस्तुओं और जीवन रक्षक दवाओं पर राहत देने की घोषणा की है, वहीं दूसरी ओर कुछ उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि ने आम आदमी की चिंता बढ़ा दी है। मुंगेली जिले के बाजारों में बजट के बाद से ही हलचल का माहौल बना हुआ है और व्यापारी से लेकर ग्राहक तक इसके प्रभाव को महसूस कर रहे हैं।
व्यापारियों के अनुसार बजट से पहले जिन पान मसाला, सिगरेट और गुड़ाखू जैसे उत्पादों की कीमत 5 से 10 रुपये के बीच थी, उनमें लगभग 5 से 7 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि आधिकारिक रूप से नई दरें अभी पूरी तरह लागू नहीं हुई हैं, लेकिन बाजार में पहले से ही बढ़े हुए दाम वसूले जा रहे हैं। आरोप यह भी लग रहे हैं कि कुछ थोक व्यापारी जानबूझकर बाजार में शॉर्टेज का माहौल बना रहे हैं, ताकि बढ़ी हुई कीमतों को सही ठहराया जा सके और अधिक लाभ कमाया जा सके।
खुदरा व्यापारियों का कहना है कि उन्हें मजबूरी में ऊंचे दामों पर माल खरीदना पड़ रहा है, जिसका सीधा असर ग्राहकों पर पड़ रहा है। कई दुकानदारों ने बताया कि ग्राहक बढ़ी हुई कीमतों को लेकर नाराजगी जता रहे हैं और सवाल पूछ रहे हैं, जबकि खुदरा विक्रेताओं के पास कोई स्पष्ट जवाब नहीं है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि बजट से राहत की उम्मीद थी, लेकिन कुछ वस्तुओं में अचानक आई महंगाई ने घरेलू बजट को प्रभावित किया है। विशेषकर निम्न और मध्यम वर्ग के लोग बढ़ती कीमतों को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं। कुल मिलाकर मुंगेली के बाजारों में बजट का मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है। जहां एक ओर दवाओं में संभावित राहत से सकारात्मक संदेश गया है, वहीं तंबाकू उत्पादों की बढ़ती कीमतों और कथित कालाबाजारी की आशंका ने बाजार में असंतोष का माहौल बना दिया है। आने वाले दिनों में प्रशासन की निगरानी और स्पष्ट दिशा-निर्देशों के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी ।

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