मुंगेली। अनंत चतुर्दशी के अवसर पर नगर सहित आसपास के क्षेत्रों में विराजमान भगवान गणेश की प्रतिमाओं का विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद विसर्जन का दौर प्रारंभ हो गया है। सुबह से ही घरों में विराजित गणेश प्रतिमाओं को लेकर श्रद्धालु आगर नदी तट पहुंचने लगे। इस दौरान भक्तों ने गणपति बप्पा को भावभीनी विदाई दी और अगले वर्ष फिर आने का न्योता दिया।
गणेशोत्सव के अंतिम दिन सुबह से ही घरों और पंडालों में भगवान गणेश की विशेष पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने हवन-पूजन कर सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके बाद श्रद्धालु गणेश प्रतिमाओं को लेकर विसर्जन के लिए आगर नदी तट पहुंचे। इस दौरान ढोल-नगाड़ों और गाजे-बाजे की धुन पर भक्तों ने गणपति बप्पा के जयकारे लगाए। पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने गणपति बप्पा को विदाई देने में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। भक्तों ने नम आंखों से भगवान गणेश को विदाई देते हुए अगले वर्ष फिर से उनके आगमन की कामना की।
गणेशोत्सव के दौरान दस दिनों तक नगर और आसपास के क्षेत्रों में धार्मिक उत्साह का माहौल बना रहा। घरों और पंडालों में भगवान गणेश की स्थापना कर प्रतिदिन पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-समृद्धि और क्षेत्र की खुशहाली के लिए प्रार्थना की।
अनंत चतुर्दशी के अवसर पर प्रतिमा विसर्जन के साथ ही दस दिवसीय गणेशोत्सव का समापन होने लगा। श्रद्धालुओं ने गणपति बप्पा से अगले वर्ष फिर आने की प्रार्थना करते हुए उन्हें विदाई दी।

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